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शबनम - सैम

मेरे को जब नागपुर रहने के लिए जाना था. यह कहानी उस समय की है.शबनम आंटी की चउदसी मेरा नाम सैम   है, मैं महाराष्ट्रा  का रहने वाला हूँ। मैं 19 साल का हूँ, ba 1 में पढ़ता हूँ ! यह मेरी पहली कहानी है और एक साल पहले की सच्ची घटना है। मेरे मोहल्ले में एक अकबर  नाम का आदमी रहता है, मैं उन्हें भाईया कहता हूँ। वे शादीशुदा और चार बच्चों के पिता  हैं, उन्होंने अपने घर में एक कमरे को एक आंटी को किराये पर दे रखा था उनका नाम शबनम है उनकी आयु  30 साल है, उनके  कदकाठी  38-30-38 है, हालांकि वे सांवली हैं फिर भी उनकी भरी  भरी चूचियों को देखते ही कोईभी  चोदना चाहेगा ! उनकी आधी उघड़ी बड़ी चूचियों को देख कर देखने वालों के मुंह  से लाल टपकने लगती है, उनकी नशीली आँखें देख कर जनता  पगली सी  हो जाते हैं। दोस्त की मां - नवंबर 05, 2020  हम सभी  उन्हें आँटी कहते हैं, उनके पति  चले गए थे, वे अकेली रहती थी। यह घटना उस दिन की है जब मेरे घर में कोई नहीं था, सभी  2 दिनों के लिए शादी में गए थे ! सबेरे  को मैं  तन्हा सो रहा था कि दरवाजा खटखटाने की स आई। दरवाजा खोलने पर मैंने देखा कि सामने आँटी खड़ी हैं। मैंने पू

मेरी पड़ोसन शबनम

  दोस्त की सौतेली मां नमस्कार, अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है. आशा है आप सभी लोगों को   पसंद आयेगी. यह कहानी थोड़ी धीमी गति से चलेगी, आशा है आप सब लोग सब्र से मेरा साथ देंगे. काफी वक़्त हो गया जबसे उसने कुछ नहीं किया था. ऐसा नहीं था उसको अपने पति से प्यार नहीं था या वो उनसे नफरत करती थी. लेकिन जैसा ज्यादातर शादीशुदा लोगों के साथ होता है, विवाह के इतने वक़्त के बाद, उनकी ज़िन्दगी में से जैसा कुछ खो सा गया था. या शायद इतना ज्यादा एक दूसरे की आदत पड़ गयी थी कि अब वो तीव्रता नहीं रह गयी थी. उसको अब भी वो दिन याद आते हैं, जब वो एक दूसरे की आँखों में देर तक देखा करते थे, एक दूसरे को बांहों में जकड़े हुए और उन भावनाओं को अपने अन्दर पनपते हुए जिसकी उन दोनों को तलाश रहती थी. 45 की उम्र में भी वो उस स्पर्श की कमी महसूस करती थी. 45? सच? कभी कभी उसको खुद पर और स्वयं की कभी ना पूरी होने वाली इच्छाओं पर आश्चर्य होता था. लेकिन जो था, यही था और बहुत चाहते हुए भी वो खुद की कोई मदद नहीं कर सकती थी. 45 की उम्र में शबनम बहुत बुरी नहीं दिखती थी. हालाँकि उसका वजन कुछ बढ़ गया था लेकिन इस वजन ने केवल उसकी

मेरी पड़ोसन आंटी

शबनम की बेटी मेरी जान - अक्तूबर 31, 2020 दोस्तो, मेरा नाम समर है और आज मैं अपने जीवन की सच्ची चुदाई कहानी लिखने जा रहा हूँ। मुझे इस चुदाई में बहुत मज़ा भी आया था और अपने दोस्त की मम्मी को खुश भी कर दिया था। मेरे दोस्त की मम्मी मेरे लंड की लम्बाई और मोटाई से बहुत खुश हुई थी और उसी चुदाई के बाद वो मुझसे अक्सर अपनी चूत की सेवा कराया करती हैं। दोस्तो, मैं कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ। मैं जयपुर, राजस्थान का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 24 साल है। मैं दिखने में काफी हट्टा कट्टा हूँ जिससे मेरी बॉडी और शरीर बहुत मस्त लगता है। दोस्तो, मेरी फिटनेस ठीक है जिसकी वजह से मुझसे लड़कियां जल्दी पट जाती हैं। मैं जो आज कहानी आप लोगो के सामने पेश करने जा रहा हूँ, मुझे उम्मीद है कि आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आयेगी और इस कहानी को पढ़ने में आप लोगो को मज़ा तो जरूर आएगा। दोस्तो, यह कहानी अभी कुछ समय पहले की है जब मैं थर्ड ईयर में पढ़ता था और उस टाइम मेरा एक दोस्त था जिसका नाम अंकुर था। अंकुर मेरा अच्छा दोस्त था तो मैं कभी कभी उसके घर भी जाया करता था। मैंने कभी शादीशुदा औरत की चुदाई नही

दोस्त की हॉट मॉम

  मेरी काली बहेंन - अक्तूबर 31, 2020 मैं मेरी मॉम के बारे में बता दूँ कि मेरी मॉम का नाम निशा है और उनकी उम्र अभी 41 साल है. वो बहुत शानदार माल लगती हैं. मैं जब 11वीं क्लास में था, तब मैंने उनके नाम की पहली बार मुठ मारी थी. उनकी शादी 19 साल में हो गयी थी और उनका फिगर 34-32-36 का है. वे एकदम दूध की तरह गोरी हैं. अभी पिछले दो साल से वे मेरे पापा से अलग हो गई हैं. इसका कारण उनकी आपसे अनबन थी. अब चलिए सेक्स कहानी के सफर में मजा लेने चलते हैं. मैं हर रोज मॉम को चोदने के सपने देखता था. एक दिन मेरी एक लड़के नामित से दोस्ती हुई, वो बंगाली था.. पर हिंदी बहुत अच्छे से जानता था. वो कोलकाता से था. जब वो मुझे ठीक लगा तो उसके साथ मेरी दोस्ती हो गई. एक बार उसने अपनी मुझे मॉम नेहा की फ़ोटो दिखाई. उसकी मॉम नेहा भी बहुत सेक्सी थीं. उसने अपनी मॉम की चुदाई के बारे में मुझे बताया कि वो अपनी मॉम को चोद चुका है. उसकी इस बात को सुनकर मुझे अपनी मॉम का ख्याल आने लगा और मैंने उससे इस बारे में कुछ चर्चा की, तो उसने मुझे दिलासा दिया कि ठीक है वो कुछ करेगा. इसके बाद से वो मेरे घर आने लगा और उसने मेरी मॉम से काफी

दोस्त की सौतेली मां

दोस्त की अम्मी जुबेदा - नवंबर 05, 2020 आज की कहानी मेरे दोस्त की सौतेली माँ और आपके राज की कहानी है। संजय साहनी नाम था उसका, देहरादून का रहने वाला था, उम्र उसकी कोई बाईस या तेईस साल, मेरी ही कंपनी में मेरा जूनियर था वो। थोड़े ही दिन में वो मेरा बढ़िया दोस्त बन गया था। उसी ने मुझे देहरादून में रहने के लिए कमरा दिलवाया। मेरे हर काम में मेरी मदद करने के लिए तैयार रहता था वो। एक दिन शाम को पेग लगाने का मन हुआ तो मैंने संजय को बुला लिया। इससे पहले हम कम से कम दारू पीने के लिए तो कभी साथ नहीं बैठे थे। मुझे तो ये भी नहीं पता था कि संजय पीता भी है या नहीं। संजय आया तो बड़ा परेशान सा नजर आ रहा था। मैंने वजह पूछी तो पहले तो वो टाल गया पर फिर अचानक रोने लगा तो मुझे बड़ा अजीब सा लगा। मैंने एक पेग बना कर उसको दिया तो वो बिना पानी डाले ही गटक गया और जोर जोर से खाँसने लगा। मामला कुछ संगीन लग रहा था। मैंने संजय को किसी तरह शांत किया और उसको वजह बताने को कहा तो उसने बताना शुरू किया: संजय की माँ चार साल पहले मर चुकी थी। बाप ने इसी गम में शराब पीनी शुरू कर दी थी। घर में सिर्फ बाप बेटा ही थे पर शराब के चक