मेरी पड़ोसन सलमा


 मै नागपुर में जब झोपड़ पट्टी के इलाके में रहेगा था. मेरे घर के सामने ही एक लड़की रहती थी जिसका नाम था सलमा। उसकी बड़ी बड़ी चुचियों को देखकर अक्सर मेरा लण्ड पैन्ट में अकड़ने लगते था और मैं सोचता था कि कब चोदूंगा ? उपर वाले ने मौका दे ही दिया उसकी चुदाई का ! मैं आफिस से आ रहा था। अँधेरा हो गया था। अचानक पीछे से किसी के बुलाने की कोशिश कर रही थी, मेरे पीछे सलमा डार्लिंग खड़ी थी। वो मेरे पास आके बोली कि असलम मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ। मैंने कहा- हाँ बोलो ! तो उसने कहा- तुम मुझे पसंद हो ! मैं तो पागल हो गया। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे जोर से अपने सीने से लगा कर उसके होठों को चूस लिया, उसकी चुचियाँ मेरे सीने में घुसी जा रही थी। मगर मुझे डर लग रहा था कि कोई हमें देख न ले। तो मैंने उसका हाथ पकड़ा और झाड़ी की तरफ़ ख़ींचा और झाड़ी में जाते ही मैंने उसके होठों को अपने होठो में दबा कर चूसना शुरू कर दिया। अब वो भी गरम हो रही थी, सलमा मेरे बदन से जोर से लिपट गई और मेरे लंड उसकी गान्ड को उपरसे ही चोदने के लिए फड़फ़ड़ाने लगा। मैंने अपना एक हाथ सलमा की कुर्ती में डाला और उसके चुचियों को पकड़ना चाहा, मगर मैं दबा नही सका, क्योंकि उनका आकार बहुत बड़ा था। थोड़ी देर में मेने उसे थोड़ा पीछे किया और दोनों हाथों से चुचियों को दबा दिए और जोर जोर से मसलने लगा। सलमा आह… हूं हूं हूं करने लगी तो मैं समझ गया कि अब यह  चुदाई के लिए बेकरार हो चुकी हैं। मैंने उसे वहीं झाड़ियों पर लिटा दिया और उसकी सलवार का नाड़ा ओपन कर नीचे उतार दी।  उसने पैंटी नही पहनी थी और उसकी छेद से माल निकल रहा था। तभी मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया, अपने भी कपड़े निकाल दिए। मेरा 7 इन्च का लंबा लंड जब बाहर आया तो काफी फूल गया था और वो पहले से ज्यादा लंबा लग रहा था और मोटा लग रहा था। सलमा अब डर के कारण कहने लगी- मुझे लेट हो रहा है,  मुझे जाने दो। मगर मैं कहाँ छोड़ने वाला था। मैंने उसके हाथ में लंड पकड़ा दिया और वो उसे हिलाने लगी। उसके सहलाने से मेरे सुपाडा और लाल हो गया। तभी मैंने उसे थोड़ा उठाया और अपना लंड उसके मुहँ में डाल दिया, वो बड़े प्यार से उसे चूसने लगी। ऐसा लग रहा था कि वो कोई केला चूस रही थी। तब तक वो मेरे लंड को चूसती रही। तभी मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने उसे धक्का दे कर नीचे पटक दिया और तबी मैं उसकी चुचियां मसलने लगा। उसके बाद मैंने एक ऊँगली उसकी छेद में डाल दी। साली बहुत सेक्सी लड़की थी, अपनी जांघो को ख़ुद ही सहला रही थी। मैंने उसकी चू त को फैला दिया और थोड़ा सा थूक निकाल कर अपने लंड और उसकी चू त पर मसल दिया जिससे उसकी चू त गीली हो गई। मैंने अपना लंड सलमा के हाथ में पकड़ा दिया और उसने लंड को चू त के जगह पर टिका दिया। मैंने पूछा- अब तुम तैयार हो? तो वो बोली- हाँ मेरे राजा अब इस चू त की खुजली मिटा दो, साली रात भर सोने नही देती हैं। इतना सुनते ही मैंने उसकी फीगर जोर से दबाकर अपनी और खींचा और अपनी लंड जर से पीछे के एक जोरदार धक्का दे दिया सलमा के चू त, मेरा लंड सुपाडा सहित ३’ अन्दर घुस गया। सलमा चिल्ला पड़ी- यूएचएच मा … गई… आह्हहह… वोह…! मैंने लंड को सीधा कर के एक बार फिर्से धक्का दे दिया। अबकी लंड चू त  फाड़ के गहरे में घुस गया और ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड है ही नहीं क्योंकि वो चू त   में पूरा समां गया था। सलमा तो चिल्लाये जा रही थी- आह… आह… आह… ओह… आउछ… बादमें जब वो सामान्य हो गई तो मैंने धक्के लगाने शुरू किए। तक़रीबन50/60 धक्के लगाने के बाद मैंने अपना लंड और भी अधिक कड़खो गया और उसे पीछे घुमा कर झुका दिया और लंड उसकी गांड पर रख पर पेल दिया। मैंने काफी वक्त तक उसकी गांड मारी, वो तो बस आह… आउच्छ…आः… कर रही थी। तब मैंने उसे आगे पटक दिया और फिर से उसकी चू त  की चुदाई करने लगा। तक़रीबन आधे घंटे के बाद हम दोनों का माल निकल गया तो हम कपड़े पहन कर वापस घर की तरफ़ जाने लगे.जाते जाते उसने मुझे कहा रात में गाच्ची पर आना मेने 11बजे आनेका बोल दिया

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